डर के आगे ही जीत है...

 एक गुंडा हेयर कटिंग और शेविंग के लिये सैलून में गया...*


नाई से बोला कि-


अगर मेरी कटिंग शेविंग ठीक से बिना कटे-छिले हुई तो “मुँह माँगा दाम और इनाम भी दूंगा - लेकिन कहीं ज़रा भी कट-छिल गया तो गर्दन उड़ा दूंगा....”


डर के मारे बाज़ार के सभी नाईयों ने मना कर दिया ...


अंत में वो गुंडा एक गाँव के नाई के पास पहुँचा जहाँ एक नया लड़का ही था !


उसने शर्त सुनकर कहा,


ठीक है बैठो मैं बनाता हूँ !


उस लड़के ने काफी बढ़िया तरीके से गुंडे की हेयर कटिंग और शेविंग कर दी !


गुंडे ने खुश होकर लड़के को एक हजार रुपया दे दिया और पूछा :- तुझे अपनी जान जाने का डर नहीं था क्या ???


लड़के ने कहा :


डर?


डर कैसा??


पहल तो मेरे हाथ में ही थी !


गुंडे ने कहा : -


“पहल तुम्हारे हाथ में थी” का मतलब नहीं समझा !


लड़के ने हँसते हुए कहा :-


उस्तरा तो मेरे हाथ में ही था..


अगर आपको खरोंच लग भी जाती तो , मैं तुरंत आपकी गर्दन काट देता !


बेचारा गुंडा जवाब सुन कर पसीने से लथपथ हो गया


नैतिक शिक्षा...


डर के आगे ही जीत है...

डर के आगे ही जीत है...



पहले भारत का राजनैतिक नेतृत्व यही सोचता था


*धारा 370*


*राम मंदिर*


*पाकिस्तान पर Surgical*


ज़रा भी एक्शन लिया तो देश मे कुछ भी हो सकता है


*हाथ में उस्तरा लिए एक 'साहसी' आया और सबकुछ बदल गया*


अभी


*समान नागरिक संहिता*


*मथुरा में भव्य कृष्ण मंदिर*


*पाकव्याप्त कश्मीर* जैसे अनेक मुद्दों सहित


*अखंड हिन्दू राष्ट्र* भी बनाना शेष है....


*उस्तरा उसी हाथ में बना रहे,*


और *धार तेज रहे*


*इसलिए २०२४ के लिए उस्तरे में धार लगाते रहें....*


*परमवैभम् नेतुमेतत् स्वराष्ट्रमं*


धन्यवाद।

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