वक्फ बोर्ड की हिमाकत तो देखिए,

 

वक्फ बोर्ड की हिमाकत तो देखिए,

वक्फ बोर्ड की हिमाकत तो देखिए, इन 10 जगहों पर भी ठोक दिया दावा, जानिए इसके पास कितनी संपत्ति ?? 

👇कांग्रेस के कुकर्म देश पर बोझ 👇


लगातार जमीनों पर दावे और कब्जे के बाद वक्फ बोर्ड एक मालदार बोर्ड बन गया है। वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबकि, वक्फ बोर्ड के पास लगभग 8.7 लाख वक्फ संपत्ति है, जिसमें अचल (872,804) और चल संपत्ति (16,716) शामिल हैं, जो पूरे भारत में फैली हुई


Property Claims By Waqf Boards:

 वक्फ संशोधन विधेयक संसद में पारित हो चुका है और अब नया कानून बनने जा रहा है। इस कानून के लागू होने के बाद वक्फ बोर्ड जमीनों पर कब्जे में मनमानी नहीं कर सकेगा। आजादी के पहले से ही वक्फ बोर्ड ने अंधाधुंध संपत्तियों पर दावा और कब्जा करके बाबर बंशी मियां नेहरू खानदान के सहयोग से भारत में बेहिसाब संपत्ति अपने नाम कर ली। स्थिति ये है कि आज वक्फ बोर्ड के पास देश में सबसे अधिक निजी जमीन है। खास बात ये है कि इन जमीनों का कोई हिसाब-किताब नहीं है, यानी ये दस्तावेजों में ही दर्ज नहीं हैं। बता दें कि सेना और रेलवे के पास जो जमीन है वो निजी नहीं सरकारी मानी जाती है।


9.4 लाख एकड़ जमीन में 8.7 लाख से अधिक संपत्तियां। देश में वक्फ बोर्ड सबसे अधिक निजी जमीन का मालिक है जिसके पास 9.4 लाख एकड़ जमीन में 8.7 लाख से अधिक संपत्तियां हैं। वक्फ बोर्ड के अधीन भूमि का अनुमानित मूल्य 1.2 लाख करोड़ रुपये है। आतंकी संगठन इस्लाम के कानून के अनुसार, वक्फ बोर्ड उस संपत्ति का प्रबंधन करता है जिसका इस्तेमाल धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। वक्फ बोर्ड अतिक्रमण, विवाद और कुशासन जैसे मुद्दों से घिरा रहा है। अवैध कब्जे और दावे के बाद सरकार को नया कानून भी लाना पड़ा। वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 लाई और इसे संसद में पास कर दिया गया है।


इन 10 संपत्ति के दावों से विवाद में आया वक्फ बोर्ड👇


वक्फ बोर्ड ने भारत भर में कई जमीनों और संपत्तियों पर दावे करके विवाद पैदा किया है। यहां तक कि वक्फ बोर्ड ने संसद पर भी दावा ठोक दिया था, इस बात का जिक्र अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के दोनों सदनों में भी किया। आइए वक्फ बोर्ड द्वारा शीर्ष 10 संपत्ति दावों की सूची पर एक नजर डालते हैं जिनकी वजह से यह विवादों में रहा है।


वक्फ बोर्ड की हिमाकत तो देखिए, इन 10 जगहों पर भी ठोक दिया दावा, जानिए इसके पास कितनी संपत्ति 👇


1. महाकुंभ भूमि पर दावा


जनवरी 2025 में कुंभ मेले के दौरान वक्फ बोर्ड ने दावा किया कि प्रयागराज में महाकुंभ भूमि वक्फ बोर्ड की है, जिसने बड़ा विवाद पैदा किया और इस दावे ने सुर्खियां बटोरीं। खुद सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर कहा कि महाकुंभ की तैयारी के दौरान वक्फ बोर्ड ने दावा किया था कि कुंभ की भूमि उनकी है। सीएम योगी ने कहा कि यह बोर्ड भू माफिया बोर्ड हो गया है।


2. हुमायूं का मकबरा


साल 2010 में वक्फ बोर्ड ने दिल्ली में हुमायूं के मकबरे पर दावा किया था। बोर्ड ने इस मकबरे पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का अनधिकृत कब्जा बताया। बोर्ड ने इसे 150 से अधिक विरासत संपत्तियों में से एक बताया और इसके लिए लड़ाई लड़ी।


3. थिरुचेंथुरई गांव


तमिलनाडु के थिरुचेंथुरई गांव पर वक्फ बोर्ड ने दावा कर दिया, जिससे स्थानीय भूस्वामियों के होश उड़ गए। इन्हें कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति बेचने के लिए बोर्ड से एनओसी लेने जाना पड़ता था।


4. बेंगलुरु ईदगाह मैदान


बेंगलुरु ईदगाह मैदान पर वक्फ ने संपत्ति के रूप में दावा किया था, हालांकि इस मुस्लिम संगठन के खिलाफ कोई आधिकारिक जमीन ट्रांसफर नहीं किया गया था।


5. सूरत नगर निगम भवन


सूरत में नगर निगम भवन पर भी वक्फ बोर्ड ने दावा किया था। यह कहा गया था कि इस स्थान का इस्तेमाल मुगल काल के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए सराय के रूप में किया जाता था, और ब्रिटिश काल के बाद इसे भारत सरकार को हस्तांतरित कर दिया गया था। हालांकि, बोर्ड ने कहा कि "एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ।"


6. बेट द्वारका में द्वीप


वक्फ बोर्ड गुजरात में देवभूमि बेट द्वारका में दो द्वीपों पर भी दावा करता है। हालांकि, गुजरात हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।


7. डीडीए की जमीन


इसके अलावा, वक्फ बोर्ड ने दिल्ली विकास प्राधिकरण की 138 संपत्तियों की और भूमि एवं विकास कार्यालय की 108 संपत्तियों पर कब्जा कर लिया। है


8. मुगल मस्जिद


कुतुब मीनार परिसर में स्थित मुगल मस्जिद को दिल्ली वक्फ बोर्ड ने अपना घोषित किया था। उन्होंने नमाज अदा करने की अनुमति भी मांगी क्योंकि वक्फ का दावा था कि इनका ऐतिहासिक महत्व है।


9. लुटियंस दिल्ली


यूपीए सरकार ने 2014 में दिल्ली वक्फ बोर्ड को 123 संपत्तियां दे दी थीं। इनमें से अधिकांश संपत्तियां दिल्ली के लुटियंस जोन में थीं।


10. केरल में जमीन


वक्फ बोर्ड ने केरल के एर्नाकुलम जिले में लगभग 400 एकड़ जमीन पर दावा किया, जो ऐतिहासिक रूप से ईसाई निवासियों के कब्जे में थी। वक्फ बोर्ड के इस दावे के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।


वक्फ बोर्ड के पास बेहिसाब संपत्ति


लगातार जमीनों पर दावे और कब्जे के बाद वक्फ बोर्ड एक मालदार बोर्ड बन गया है। वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबकि, वक्फ बोर्ड पास लगभग 8.7 लाख वक्फ संपत्ति है, जिसमें अचल (872,804) और चल संपत्ति (16,716) शामिल हैं, जो पूरे भारत में फैली हुई हैं। जमीनों पर दावे को लेकर वक्फ बोर्ड की हिमाकत इस कदर बढ़ गई कि उसने संसद भवन पर भी दावा ठोक दिया। कोलकाता के ईडेन गार्डन पर भी बोर्ड दावा कर चुका है। ऐसे में सरकार वक्फ संशोधन विधेयक लेकर आई है जिसके तहत बोर्ड का नए सिरे से प्रबंधन करते हुए उसे जवाबदेह बनाया जाएगा और उसकी मनमानी पर रोक लगाई जा सकेगी।


वोटरों की मूर्खता या लालच या महत्वाकांक्षा के कारण संशोधन करना पड़ा। जरूरी सीटों के अभाव में कई आवश्यक काम करने की कोशिश के बावजूद वोटरों की महत्वाकांछा का दंड पूरे देश को जनता को भोगना पड़ रहा है। अल्प सरकार की अपनी मजबूरियां होती हैं।


✊✊⚔️  जागो सेक्युलर कीड़ों जागो⚔️✊✊

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