शेर ने टपके से और आदमी ने शेर से मुक्ति पाई !!
एक बार की बात है, एक गांव में शेर आ गया, अब शेर तो शेर है,
सब उससे बचने के लिए इधर-उधर छुपने लगे, धीरे-धीरे शाम हो गई और बारिश शुरू हो गई,
बारिश भी ऐसी मुसलाधार कि पिछले दो-तीन साल में कभी हुई ना हो...
एक तो शेर की अफवाह और दूसरी बारिश, सभी हड़बड़ी में छुपते-छुपाते अपने घरों में दुबक गए...
इसी भागदौड़ में किसी का गधा रस्सी तुड़वा कर भाग गया !! 😳
अब तीन-तीन समस्याएं पैदा हो गई,
एक तो गांव में शेर आया हुआ है, तेज बारिश हो रही है, और गधा खो गया है और शेर ने उसे पकड़ लिया तो रोजगार की समस्या !!😔
तो उस आदमी ने अपनी पत्नी से कहा मैं गधे को ढूंढ कर लाता हूं,
पत्नी कहती है अरे गांव में शेर आया हुआ है अभी मत जाइए,
तब आदमी कहता है कि शेर तो कुछ नहीं शेर से ज्यादा डर तो "टपके" का है!
अब इतनी मूसलाधार बारिश में उनको डर था कि कहीं उनका घर टपकने से ढह न जाए,
वह शेर से भी बड़ी समस्या थी !!
संयोग से शेर भी बारिश के कारण उससे बचने के लिए उनके घर की दीवार के साथ पीठ लगाकर खड़ा था,
उसने इस बात को सुन लिया कि टपका ऐसा कौन सा प्राणी है जो मुझसे भी खतरनाक है 🤔,
इस जीव का तो पहली बार नाम सुना है और जब इंसान ही इससे डरता है तो मेरी तो पहुंच ही क्या!
शेर के लिए तो यह टपका ना हुआ डायनासोर हो गया!😟
अब थोड़ी देर विश्राम करने के बाद लगभग सुबह-सुबह 4:00 बजे के लगभग बारिश रुकी और वो आदमी मोटा लट्ठ लेकर अपने गधे को ढूंढने निकला...
तभी वह देखता है कि उसके घर की दीवार की ओट में एक जानवर पीठ टिकाए खड़ा है, अंधेरे में ज्यादा तो समझ में उसे आया नहीं तो पीछे की ओर से चल पड़ा उसे पकड़ने...
उसका गधा थोड़ा जंगली प्रकार का था, जब काम करवाता था तो बड़े लठ मारने पड़ते थे गधे को,
और इस समय रस्सी से भी बंधा हुआ नहीं था, तो उस आदमी ने डिसाइड किया कि चुपचाप जाता हूं और इसके ऊपर बैठ जाता हूं जिससे इसे भागने का मौका ही ना मिले !!
अब जो शेर था वह पूरी रात इसी चिंता में वहां खड़ा रहा कि गांव में शेर के साथ-साथ एक टपका भी घूम रहा है,
जो उससे भी ज्यादा खतरनाक है और इसी घबराहट में वह वहां से पूरी रात हिला नहीं!😁
तो आदमी चुपचाप जाता है और धप्प से उछलकर शेर के ऊपर बैठ जाता है, और जिस स्पीड से बैठा था, उसी स्पीड से लहराता हुआ लठ शेर के पिछवाड़े पर टिकाता है कि...
अच्छा पूरी रात से यही छुपा हुआ था और हम तेरे लिए परेशान होते रहे!
इस दोहरे आक्रमण से शेर बेचारा घबरा गया उसे लगा कि आज तो टपके ने पकड़ लिया और अब बचने की कोई संभावना नहीं...
बेचारा टपके से बचने के लिए चारों पैरों पर जंगल की ओर भागने लगा...
अब शेर के लिए टपके मतलब आदमी को बैठते ही समझ आ गया कि यह गधा नहीं है, लेकिन अब उतरे तो जान गई हाथ से..😳
तो उसने और जोर से चिल्ला चिल्ला कर शेर पर लठ बरसाना चालू रखा !!
शेर को बस इतना समझ में आ रहा था कि इस अनोखे आक्रमणकारी से इस समय भागना ही उचित है,
लेकिन जैसे शेर किसी जानवर को अपनी गिरफ्त में ले लेता है उसी तरह से टपके ने शेर को पकड़ा हुआ था ऊपर से लठ बरस रहे थे !!
धीरे-धीरे जंगल की ओर जाते-जाते सुबह होने लगी, पेड़ पौधे दिखाई देने लगे, एक बरगद का पेड़ भी जिसकी लंबी लंबी जटाएं लटक रही थी, आदमी को दिखाई दिया जो रास्ते में आ रहा था !!
जैसे ही आदमी बरगद के पेड़ के पास पहुंचा तो उसकी लटक रही जटाय पकड़कर वह पेड़ पर चढ़ गया और इस तरह...
शेर ने टपके से और आदमी ने शेर से मुक्ति पाई !! 🙏
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