क्या आप जानते हैं की धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज की मृत्यु का बदला कैसे लिया गया और किसने लिया ?

 छत्रपति संभाजी महाराज की मृत्यु का बदला संताजी घोरपड़े ने लिया था। संताजी घोरपड़े मराठा साम्राज्य के एक प्रमुख सेनापति थे, जिन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज के शासनकाल में कई महत्वपूर्ण युद्ध लड़े थे ¹।


संताजी घोरपड़े ने तुलापुर में मुगलों पर हमला किया और औरंगजेब की सेना को हराया। इसके बाद, उन्होंने रायगढ़ किले पर हमला किया और मुगलों को वहां से खदेड़ दिया। संताजी घोरपड़े ने मुकर्रम खान को भी हराया, जिसने छत्रपति संभाजी महाराज को धोखे से कैद किया था ¹।


संताजी घोरपड़े की बहादुरी और सैन्य रणनीति की वजह से उन्हें "मामलकत मदार" की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वह मराठा साम्राज्य के एक महान योद्धा के रूप में जाने जाते हैं ¹।


संताजी घोरपड़े का जन्म 1660 में महलोजी घोरपड़े के घर में हुआ था। वह गुरिल्ला युद्ध में कुशल थे और राजाराम भोसले के शासनकाल के दौरान छठे मराठा सेनापति थे। उन्होंने युद्ध में छत्रपति शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज का भी समर्थन किया था ¹।


संताजी घोरपड़े की मृत्यु के बाद, उन्हें मराठा साम्राज्य के एक महान योद्धा के रूप में याद किया जाता है। उनकी बहादुरी और सैन्य रणनीति की वजह से उन्हें हमेशा याद किया जाएगा ¹।

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