कर्म और भाग्य में से क्या ज्यादा मायने रखता है?

 कर्म और भाग्य दोनों ही हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि कर्म का महत्व ज़्यादा है क्यों कि कर्मों से ही हमारा भाग्य बनता है और कर्मों के आधार पर ही हमारा भविष्य निर्धारित होता है ।


यह एक ऐसा विषय से है जिस पर हर व्यक्ति की सोच भिन्न भिन्न हो सकती है ।कोई भाग्य को तो कोई कर्म को ज्यादा महत्वपूर्ण मानता।


कई बार हमारे मन में विचार आता है कि फलां व्यक्ति तो कितना खराब है । दुष्ट प्रवृत्ति का है । लेकिन उसे तो भगवान ने हर सुख सुविधा दे रखी है ।और कोई व्यक्ति सच्चा ,ईमानदार अच्छे विचारों वाला है। बेचारा दुखो का सामना कर रहा है ऐसा क्यों ???


आइए इसे समझते है इस कहानी के माध्यम से ✍️✍️✍️


. ☀️*कर्म का नियम*☀️


भगवान ने नारद जी से कहा, आप तो भ्रमण करते रहते हैं, मुझे कोई ऐसी घटना बताओ जिससे आप भ्रमित हो गए हों…


नारद जी बोले, प्रभु, मैं अभी जंगल से आ रहा हूँ, वहाँ एक गाय दलदल में फँसी हुई थी। उसे बचाने वाला कोई नहीं था।


तभी एक चोर वहाँ से गुजरा, वह गाय को फँसा हुआ देखकर भी नहीं रुका, उलटे उस पर पैर रखकर दलदल पार कर गया। आगे जाकर उसे सोने के सिक्कों से भरा एक थैला मिला। कुछ देर बाद वहाँ से एक बूढ़ा साधु गुजरा। उसने उस गाय को बचाने की पूरी कोशिश की। उसने अपने शरीर की पूरी ताकत लगाकर उस गाय को बचा लिया लेकिन मैंने देखा कि गाय को दलदल से निकालने के बाद वह साधु आगे जाकर एक गड्ढे में गिर गया और चोटिल हो गया। भगवान बताइए यह कैसा न्याय है।


भगवान मुस्कुराए, फिर बोले, नारद यह सही है। जो चोर गाय पर पैर रखकर भागा था, उसके भाग्य में खजाना था लेकिन अपने पाप के कारण उसे कुछ सिक्के ही मिले।


उस साधु को गड्ढे में गिरना पड़ा क्योंकि उसके भाग्य में मृत्यु लिखी थी लेकिन गाय द्वारा उसे बचा लेने के कारण उसके पुण्य बढ़ गए और उसकी मृत्यु एक छोटी सी चोट में बदल गई। व्यक्ति का भाग्य उसके कर्मों से तय होता है। अब नारद जी संतुष्ट हो गए।


व्यक्ति को सदैव अच्छे कर्मों में लगे रहना चाहिए ।क्योंकि जैसा कर्म करेंगे वैसा है परिणाम पाएंगे ,आज नहीं तो कल पाएंगे ।


☀️☀️☀️

मेरी समझ अनुसार कर्म ही सबसे ज्यादा मायने रखता है तो इसकी सबसे बड़ी वजह है कि भाग्य आपके साथ और पास है लेकिन अगर आप आलस्य करते हैं सोये हुए रहते हैं तो निश्चय है कि भाग्य भी आपसे कुछ दूरी बना लेता है।


मानो आप एक फल बेचने का कार्य करते हैं और थोक मंडी में दुकान करने वाला आढ़ती आपके भाग्य के अनुसार आपको संध्या को कहता है कि सुबह जल्दी उठकर आना एक ट्रक बहुत दूर से मीठे नायाब फल का पहली बार आ रहा है आप उससे ज्यादा से ज्यादा ले जा कर फाइदा उठाना । 

 ( याने की भाग्य आपकों बुला रहा है)


और आप सुबह उठकर जल्दी जाने में कोताही करते हों तो वह आढ़ती दोस्त इंतजार करते हुए दूसरों को माल देने को मजबूर हो जाता है। तो आपके भाग्य में कमी आ जानी है ।🙏

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